Ramzan / Ramadan 2020
रोज़ा रखने से मोक्ष सम्भव नहीं!
रमज़ान पर मुस्लिम समाज के लिए महत्वपूर्ण जानकारी
◆ रमज़ान के बारे में तथ्य हिंदी में- कुछ खास तथ्य जो जानने के लिए जरूरी है
◆ प्रश्न 1 :- क्या सिर्फ कुरान पढ़ने से हमारे जन्मों-जन्मों का पाप कर्म कट सकता है?
उत्तर :- नहीं, काट नहीं सकता। क़ुरान में जो लिखा गया है अल्लाह ने जो आदेश दिया है वह करने से अल्लाह खुश होते हैं। ना कि मनमानी करने से…! कुरान ज्ञान दाता हजरत मुहम्मद जी को कहना है कि उस अल्लाह की जानकारी किसी बाख़बर इल्मवाले संत से। वह बाख़बर इल्मवेल संत रामपाल जी महाराज हैं जो अल्लाह की सम्पूर्ण जानकारी रखते हैं।
◆ प्रश्न 2 :- क्या (रोज़ा) उपवास करने से अल्लाह खुश होते हैं?
उत्तर :- यदि उपवास करने से अल्लाह खुश होते हैं तो अकाल पड़ने पर किसी की अकाल मृत्यु नहीं होती है।
ऐसा क्या उपवास करना जो दिन में उपवास और रात्रि में जीव हलाल करना फिर उसे खाना ये बिल्कुल गलत है ऐसे अल्लाह कभी खुश हो सकता है। क्योंकि चींटी से लेकर सभी जीव आत्माएं अल्लाह के बच्चों है तो जीव हलाल करने से अल्लाह कितना खुश हो सकता है ...!
◆ प्रश्न 3 :- क्या क़ुरान में मांस खाने का आदेश अल्लाह का है?
उत्तर :- क़ुरान में कहीं पर भी मांस खाने का आदेश अल्लाह का नहीं है। हज़रत मुहम्मद जी ने कभी भी मांस नहीं खाया और ना ही खाने को कहा है। अगर कहीं लिखा भी है तो वह अल्लाह का आदेश नहीं है। किसी फ़रिश्ते का है, जो कि ग़लत है।
अल्लाहु अकबर (अल्लाहु करीबी) सर्व पाप नाश कर सकता है
सूरत फुर्कान 25 आयत 52 से 59 में लिखा है कि कबीर परमात्मा ने छः दिन में सृष्टि की रचना की और सातवें दिन तख्त पर जा विराजा है। मुस्लिम धर्म के पवित्र शास्त्र प्रमाणित करते हैं कि सभी सृष्टि रचनहार सर्व पाप विनाशक, सर्व शक्तिमान, अविनाशी परमात्मा मानव सदृश शरीर आकार में है और सतलोक में रहता है। उसका नाम अल्लाह कबीर है।
रमजान हिंदी में :- हजरत मुहम्मद को कुरआन शरीफ बोलने वाला प्रभु (अल्लाह) कह रहा है कि वह कबीर प्रभु (अल्लाह) वही है जिसने जमीन और आसमान के बीच में जो भी विद्यमान है सभी सृष्टि की रचना छः दिन में की और सातवें दिन ऊपर सतलोक में अपने सिंहासन पर विराजमान हो (बैठ) गया।
प्रमाण :- सुरत-फुर्कानि नं। 25 आयत नं। 59
हजरत मुहम्मद जी का खुदा कह रहे हैं कि हे पैगम्बर!आप काफिरों का कहा मत मानना, क्योंकि वे लोग कबीर को पूर्ण परमात्मा नहीं मानते। आप मेरे द्वारा दिए गए इस कुरान के ज्ञान के आधार पर अटल रहना कि कबीर ही पूर्ण प्रभु है तथा कबीर अल्लाह के लिए संघर्ष करना (लड़ना नहीं ) अर्थात अडिग रहना है।
प्रमाण :- सुरत-फुर्कानि नं। 25 आयत नं। 52
कुरान ज्ञान दाता अल्लाह (प्रभु) किसी और पूर्ण प्रभु की तरफ संकेत कर रहा है कि ऐ पैगम्बर उस कबीर परमात्मा पर विश्वास बनाए रखें जो तुझे जिंदा महात्मा के रूप में आकर मिला था।
प्रमाण :- सुरत-फुर्कनिक नं। 25 आयत नं। 58
कुरान ज्ञान दाता कह रहा है कि अल्लाह कभी मरने वाला नहीं है तारीफ के साथ उसकी पवित्र महिमा का गुणगान किया जा रहा है, वह कबीर अल्लाह (कविर्देव) पूजा के योग्य है और अपने उपासकों के सभी पापों को विनाश करने वाला है।
प्रमाण :- सुरत-फुर्कनिक नं। 25 आयत नं। 58
फजाइले जिक्र में आयत नं। 1 ए, 2 ए, 3 ए, 6 और 7 में स्पष्ट प्रमाण है कि ब्रह्म (काल अर्थात् क्षर पुरुष) कह रहा है कि आप कबीर अल्लाह की बड़ीई बयान करते हैं। कबीर अल्लाह आलीशान है, बड़े रुत्बे वाला है।
🔸फजाइले जिक्र
अ
ल्लीमूल गैब बसाहादाती तील कबीर रूलमुतालू (2)
वह कबीर अल्लाह तमाम पोशीदा और जाहिर चीजों का जानने वाला है(सबसे) बड़ा है और आलीशान रुत्बे वाला है।
🔸फजाइले जिक्र
थाजालीका सहारा लाकुम लीतू कबीरू बुल्लाह आला महादा कुम बसीरी रील मोहसीनीन (3)
इसी तरह अल्लाह जल्ल शानुहू ने तुम्हारे लिए मुसख्खर कर दिया ताकि तुम कबीर अल्लाह की बड़ाई बयान करो।
🔸फजाइले जिक्र
माजा काला रब्बूकूम कालू लूलहक्का वाहोवर अल्लीयू उल्ल कबीर (6)
जब फरिश्तों को कबीर अल्लाह की तरफ से कोई हुक्म होता है तो वे खौफ के मारे घबरा जाते हैं) यहाँ तक कि जब उनके दिलों से घबराहट दूर हो जाती है, तो एक दूसरे से पूछते हैं कि कबीर परवरदिगार का क्या हुक्म है ? वाकई वह (कबीर) आलीशान और मर्तबे वाला है।
🔸फजाइले जिक्र
कुल हूक्कू मूल्लाही हीलअल्ली लील कबीर (7)
हुक्म कबीर अल्लाह ही के लिए है, जो आलीशान है, बड़े रुत्बे वाला है।
🔸फजाइले जिक्र
‘सुब्हानल्लाहि अल्हम्दु लिल्लाहि अल्लाहु अक्बरू‘(कबिर्)
अल्लाहु अक्बर ही परमेश्वर कबीर साहेब हैं।
🔸फजाइले दरूद शरीफ
मन सल्ला अला रूहि मुहम्मदिन फिल् अर्वाहि व अला-ज-स दिही फिल् अज्सादि व अला कबिर् (कबीर) ही फिल कुबूरि व इन्नहाल कबीर तुन इल्ला अलल् खाशिलीनल्लजीन यजुन्नून अन्नहुम मुलाकू रग्बिहिन व अन्नहुम इलैहि राजिऊन।
इससे सिद्ध है कि प्रभु कबीर नाम से है तथा आकार में है, ऊपर सत्यलोक में अपने तख्त पर रहता है।
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बाखबर संत रामपाल जी महाराज
बाखबर संत रामपाल जी महाराज का आश्रम बरवाला हिसार हरियाणा में हैं। संत रामपाल जी महाराज ही बाखबर संत क्यों हैं और कोई संत क्यों नहीं? अवश्य देखें सत्संग साधना शाम 7:30 बजे से 8:30 बजे तक ।
जीव हमारी जाति है, मानव धर्म हमारा।
हिन्दू, मुस्लिम, सिखाना, ईसाई, धर्म नहीं कोई न्यारा ।।
बाखबर संत रामपाल जी महाराज जी का संदेश
सभी मुस्लिम भाईयों से निवेदन है कि सबका मालिक एक है वह अल्लाह कबीर हैं। पूरी पृथ्वी पर सच्चे बाखबर संत रामपाल जी महाराज ही हैं। इसलिए उनका सत्संग सुनें और उनका नाम दीक्षा लें।


